सतना–मैहर में धान उपार्जन केंद्रों पर तौलाई, गिनाई, सिलाई और पल्लेदारी के नाम पर किसानों से अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मानक से अधिक तौल, धान में मिलावट, भुगतान में देरी और सम्मान निधि की कथित चौथ वसूली ने सरकारी खरीदी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रीवा जिले में किसानों से महंगे दाम पर खाद बेचने की शिकायतों के बाद एसडीएम वैशाली जैन ने खुद ग्राहक बनकर जांच की। मुंह ढककर दुकान पहुंचीं एसडीएम ने जब तीन गुना दाम पर खाद लेने की बात की तो दुकानदार तैयार हो गया। तुरंत प्रशासन ने छापा मारकर दुकान सीज कर दी और स्टोर से स्टॉक जब्त किया। यूरिया की ब्लैक मार्केटिंग पर बड़ा एक्शन, जिला विपणन अधिकारी की लापरवाही पर भी उठे सवाल।
रीवा जिले के रायपुर कर्चुलियान और खीरा ग्राम पंचायत में यूपी की एके इन्फ्राड्रीम कंपनी बगैर पंचायत की एनओसी जमीन खरीद-बिक्री कर रही है। सैकड़ों किसान जमीन बेचकर भी ठगे जा रहे हैं, वहीं प्लॉट खरीदने वाले लोग भी अधूरी सुविधाओं के कारण परेशान हैं। राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से विवादित और शामिलात भूमि का भी नामांतरण और नक्शा तरमीम किया जा रहा है।















